चित्रकूट के थरपहाड़ गांव में बीमार युवक को अस्पताल पहुंचाने ग्रामीणों को कंधे का सहारा लेना पड़ा। सड़क सुविधा के अभाव ने स्वास्थ्य सेवाओं और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ककरहटी-देवेंद्रनगर मार्ग पर क्षतिग्रस्त क्रॉसिंग पार करते समय यात्रियों से भरी बस सड़क से नीचे उतर गई। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला। ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की।
कोठी क्षेत्र के रामपुरा गांव में लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला को खाट पर अस्पताल ले जाने का वीडियो वायरल हुआ। ग्रामीणों ने बदहाल सड़क को जिम्मेदार बताया, जबकि प्रशासन ने खबर को भ्रामक बताते हुए अपना पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर के भैरुंदा में PMGSY-4 का शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश को सड़कों और आवास के लिए 5000 करोड़ से अधिक की सौगात मिली।
सुंदरा-सेमरिया राज्य मार्ग और आसपास की सड़कों की हालत बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी पटरी और जर्जर डामर से लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में केवल खानापूर्ति हो रही है। 20 किलोमीटर के इस मार्ग पर अनगिनत गड्ढों से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
सतना जिले के सितपुरा-छींदा मार्ग की हालत बद से बदतर, बारिश में दलदल और गड्ढों से ग्रामीण परेशान। ट्रक-ट्रैक्टर फंसने से जाम लगा, प्रशासन चुप। एक माह से मरम्मत की मांग अनसुनी, सड़क पर धान रोपने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई। अब ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया है। जानिए पूरा मामला।
सतना जिले के सितपुरा-छींदा मार्ग की दुर्दशा के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर ही धान की रोपाई कर अनोखा प्रदर्शन किया। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के क्षेत्र में यह विरोध सरकार की विकास नीतियों पर बड़ा सवाल है। कांग्रेस का समर्थन, छात्रों की सुरक्षा, और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
सतना जिले के ग्रामीण आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। चित्रकूट और त्यौंधरा जैसे गांवों में झोली में प्रसूता और कंधे पर बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने की घटनाएं प्रशासनिक और राजनीतिक उदासीनता की पोल खोल रही हैं। वहीं सितपुरा-छींदा-बचवई मार्ग की बदहाली के विरोध में ग्रामीण सड़क पर धान रोपने का प्रदर्शन कर रहे हैं।
सतना जिले की ग्राम पंचायत बम्हौरी को 16 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। पीएमजीएसवाई योजना के तहत घोरकाट-बम्हौरी मार्ग सहित रामपुर क्षेत्र की कुल 72 सड़कों को मंजूरी मिली है।
सतना ज़िले की ग्राम पंचायत बम्हौरी आज भी 2008-09 में मंजूर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का लाभ नहीं पा सकी। रिकॉर्ड में 2.4 किमी का मार्ग दर्ज है--लेकिन ठेकेदार ने 4.8 किमी सड़क लखनवाह से घोरकाट तक बना दी और घोरकाट को ही ‘बम्हौरी’ बताकर बोर्ड लगा दिया।






















